अमेरिकी डॉलर ने गुरुवार को दो महीने से अधिक की ऊंचाई पर अपनी पकड़ बनाए रखी है। फेडरल रिजर्व द्वारा इस वर्ष ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ने से बाजार में यह रुझान देखा गया। इस स्थिति से जापानी येन पर भी दबाव बढ़ गया है, जिससे हस्तक्षेप की आशंका उत्पन्न हो रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और लगातार बढ़ती महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर हो सकता है। येन की कमजोरी को रोकने के लिए जापान सरकार द्वारा हस्तक्षेप की संभावना भी जताई जा रही है। बाजार की नजरें फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। ब्याज दरों में वृद्धि से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
