अमेरिकी ऋण को लेकर निवेशकों की बढ़ती चिंताओं के कारण डॉलर में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड के वायदा भाव में 0.3% की गिरावट दर्ज की गई, और यह 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले सत्र में तेल की कीमतों में 2.4% की वृद्धि देखी गई थी। यह गिरावट अमेरिकी ऋण की स्थिति पर अनिश्चितता के कारण बाजार में व्याप्त सावधानी को दर्शाती है। निवेशक अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिरता और संभावित ब्याज दर वृद्धि को लेकर चिंतित हैं। तेल बाजार में उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक स्थितियों और भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतें अस्थिर रह सकती हैं।

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