डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें सबसे ज़्यादा निराशा इस बात से होती है कि युवा मरीज़ मामूली लापरवाही या व्यस्तता के कारण इलाज में देर कर देते हैं। ऐसे मामलों में, जब मरीज़ अस्पताल पहुँचते हैं, तब बीमारी बहुत बढ़ चुकी होती है और डॉक्टर कुछ नहीं कर पाते। डॉक्टरों के अनुसार, लंबी सर्जरी से ज़्यादा निराशाजनक यह स्थिति होती है जब वे मरीज़ों की मदद करने में असमर्थ होते हैं। यह लापरवाही अक्सर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। डॉक्टरों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर इलाज से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि जागरूकता और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप जीवन बचा सकते हैं।
