अस्पतालों में आपातकालीन ड्यूटी करने से इनकार करने वाले डॉक्टरों पर अब निजी प्रैक्टिस करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार ने यह नया नियम उन चिकित्सकों के लिए जारी किया है जो बिना 48 घंटे पहले सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं। इस कदम का उद्देश्य अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह निर्णय रोगियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की दक्षता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। उल्लंघन करने वाले डॉक्टरों को निजी तौर पर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उद्देश्य डॉक्टरों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर देखभाल मिलेगी।