आंत्र कैंसर अक्सर शुरुआती चरणों में पहचान में आने में विफल रहता है क्योंकि इसके लक्षण अस्पष्ट होते हैं। एक डॉक्टर ने स्वयं इन लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि पचास वर्ष से कम उम्र के लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता महत्वपूर्ण है। डॉक्टर का कहना है कि दो मुख्य लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए। ये लक्षण आंत्र कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। शुरुआती पहचान से उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है, इसलिए लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। नियमित जांच और स्वास्थ्य के प्रति सजगता आंत्र कैंसर से बचाव में सहायक हो सकती है।