स्वीडिश डॉक्टर अन्ना ग्रोनलंड ने घर पर बच्चे को जन्म देने के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि यह सुविधा केवल विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के लिए ही संभव है। ग्रोनलंड का कहना है कि घर पर प्रसव एक रोमांटिक विचार को बढ़ावा देते हैं, जो वास्तविक जोखिमों को अनदेखा करता है। उन्होंने एक दाई पर रोगी सुरक्षा कानून के उल्लंघन के लिए मुकदमा चलाने के महत्व पर जोर दिया है। उनका मानना ​​है कि किसी भी घटना में, रोगी की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। यह मामला स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी और घर पर प्रसव से जुड़े संभावित खतरों पर प्रकाश डालता है। ग्रोनलंड का उद्देश्य घर पर प्रसव के जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और शिशु एवं माता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।