चुनाव आयोग (JNE) के प्रवक्ता के अनुसार, यदि किसी मतपत्र में विसंगति पाई जाती है, तो उसकी समीक्षा की एक विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ समीक्षा, संभावित पुनर्गणना और अंतिम निर्णय शामिल हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक मतगणना केवल सभी विवादों के निपटान के बाद ही अपडेट की जाती है। इसका मतलब है कि एक अकेले मतपत्र की समीक्षा भी राष्ट्रपति चुनावों के परिणाम को बदल सकती है। आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मतगणना प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो। सभी विवादों को कानूनी ढांचे के भीतर हल किया जाएगा। यह प्रक्रिया चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।