यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री, मिखाइलो फ़ेदोरोव, जिन्हें हाल ही में बर्खास्त किया गया है, ने चुनावों की मांग करके एक बड़ा विवाद पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा लोकतंत्र को बंधक नहीं बनाया जा सकता। फ़ेदोरोव का यह बयान यूक्रेन में शासन के संकट की ओर इशारा करता है, और 2022 से राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के लिए सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती है। उनकी मांग ने देश में राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, क्योंकि युद्ध के दौरान चुनाव कराने की व्यवहार्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह कदम यूक्रेन के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को दर्शाता है। रॉयटर्स के अनुसार, फ़ेदोरोव एक लोकप्रिय व्यक्ति बन गए हैं और उनकी इस मांग से ज़ेलेंस्की सरकार पर दबाव बढ़ गया है।