ईरान की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमास को निरस्त्र करना शांति की ओर नहीं, बल्कि एक जाल है। नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा के बाद, इज़राइल द्वारा गाजा से हटने से पहले फिलिस्तीनी प्रतिरोध को कमजोर करने का दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट का तर्क है कि यह कदम शांति स्थापित करने के बजाय जटिलताओं को बढ़ा सकता है। यह माना जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल हमास को कमजोर करके क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। इस रणनीति से गाजा पट्टी में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि हमास को निरस्त्र करने का प्रयास विफल हो सकता है और यह इजराइल और अमेरिका के लिए उल्टा पड़ सकता है। यह कदम दीर्घकालिक संघर्ष को बढ़ावा दे सकता है।