यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा प्रस्तावित डिजिटल यूरो के मसौदे में बुनियादी सेवाएं मुफ्त रखी गई हैं, जिससे सभी नागरिकों को इसकी पहुंच मिल सके, भले ही उनके पास बैंक खाता न हो। इस डिजिटल मुद्रा को दुकानों में अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाना भी प्रस्तावित है। हालांकि, व्यापारियों से लिए जाने वाले शुल्क पर एक सीमा निर्धारित की जाएगी, ताकि वे इस नई प्रणाली को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों। यह कदम नकद लेनदेन को कम करने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। मसौदे में डिजिटल यूरो के उपयोग को सरल और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यूरोपीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। यह प्रस्ताव अभी भी चर्चा के अधीन है और अंतिम रूप से लागू होने से पहले इसमें बदलाव संभव हैं।