नार्वे में, 'होमलेगेंने' (Hjemmelegene) नामक एक संगठन ने एक बहसपूर्ण लेख प्रकाशित किया है। इस लेख में तर्क दिया गया है कि डिजिटल डॉक्टर, नियमित चिकित्सकों (fastlegen) का विकल्प नहीं बन सकते। उनका मानना है कि डिजिटल चिकित्सा कुछ मामलों में सहायक हो सकती है, लेकिन यह प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिए व्यक्तिगत संपर्क और निरंतर देखभाल की जगह नहीं ले सकती। लेख में रोगी-डॉक्टर संबंध के महत्व और शारीरिक परीक्षणों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। 'होमलेगेंने' का कहना है कि डिजिटल समाधानों को नियमित चिकित्सा सेवाओं के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि उसके प्रतिस्थापन के रूप में। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नार्वे के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवा मिलती रहे। यह बहस नार्वे के स्वास्थ्य प्रणाली में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका पर महत्वपूर्ण सवाल उठाती है।