ढाका शहर की वायु गुणवत्ता दुनिया के सबसे खराब स्तरों में से एक बनी हुई है। इसका मुख्य कारण शहर में स्थित अव्यवस्थित औद्योगिक कारखाने हैं। इन कारखानों से निकलने वाला जहरीला धुआं हवा को प्रदूषित कर रहा है। इसके साथ ही वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन और धूल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। औद्योगिक कचरे के कारण बुरीगंगा नदी भी अत्यधिक प्रदूषित हो गई है। श्यामपुर जैसे इलाके अब धुएं की चादर से पूरी तरह घिर चुके हैं। यह स्थिति स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस गंभीर पर्यावरणीय संकट पर चिंता जताई है।