कोलकाता पुलिस ने पिछले साढ़े सात वर्षों में किशोर गिरोहों की संलिप्तता वाले ६३५ अपराधों का पता लगाया है। इनमें से ३९ मामले हत्या के थे। पुलिस के अनुसार, गिरोहों के 'बड़े भाई' बदल गए हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है। इन किशोर गिरोहों द्वारा किए गए अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि गिरोहों में नए सदस्य शामिल हो रहे हैं और वे अधिक संगठित हो रहे हैं। पुलिस ने इन गिरोहों पर नकेल कसने के लिए कई अभियान चलाए हैं, लेकिन अपराधों पर पूरी तरह से रोक लगाना अभी भी एक चुनौती है। यह स्थिति कोलकाता में कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।