प्रसिद्ध मनोविश्लेषक गेब्रियल रोलोन ने रिश्तों की सीमाओं पर विचार व्यक्त किया है। उन्होंने कल्पना और व्यवहार के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी और के प्रति इच्छा रखना हमेशा बेवफ़ाई नहीं होती। रोलोन के अनुसार, महत्वपूर्ण बात यह है कि रिश्ते में शामिल दोनों व्यक्तियों के बीच समझ और सहमति हो। उन्होंने व्यक्तिगत निर्णयों और समझौतों को ही रिश्तों की नींव बताया है। उनका मानना है कि केवल कल्पनाएँ रिश्ते को खतरे में नहीं डालती हैं, बल्कि किए गए कार्य मायने रखते हैं। इस तरह, उन्होंने बेवफ़ाई की परिभाषा को और अधिक सूक्ष्म बनाने का प्रयास किया है।