उमनो अध्यक्ष और उप प्रधानमंत्री जाहिद हमीद ने सरकार के एक वरिष्ठ सदस्य की आलोचना की है। यह विवाद चुनाव आयोग द्वारा जोहोर और नीगरी स्embilan के लिए अलग-अलग चुनावों के आयोजन के फैसले को लेकर शुरू हुआ। जाहिद ने स्पष्ट किया कि सरकार के किसी भी सदस्य को चुनाव आयोग के संवैधानिक अधिकार पर सवाल नहीं उठाने चाहिए। उन्होंने आयोग की स्वायत्तता और निर्णय लेने की क्षमता का समर्थन किया। जाहिद के अनुसार, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में चुनाव आयोग की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी पदों पर बैठे व्यक्तियों को संस्थागत मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर चर्चा छेड़ गया है।