डेनमार्क सरकार यूक्रेन के उन नागरिकों के लिए शरणार्थी सुरक्षा समाप्त करने की योजना बना रही है जो सैन्य भर्ती से भागकर आए हैं। यह निर्णय सैन्य आयु वर्ग के यूक्रेनी पुरुषों पर लागू होगा। डेनमार्क का तर्क है कि यूक्रेन में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है और अब उन्हें अपने देश लौटने में सक्षम होना चाहिए। इस कदम से उन यूक्रेनी नागरिकों पर असर पड़ेगा जो अभी भी डेनमार्क में सुरक्षा की तलाश में हैं। हालांकि, डेनमार्क सरकार ने व्यक्तिगत मामलों पर विचार करने की बात कही है, लेकिन सामान्य तौर पर सुरक्षा समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस नीति परिवर्तन से यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और शरणार्थियों की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ सकती है। यह कदम अन्य यूरोपीय देशों की नीतियों को भी प्रभावित कर सकता है।