पोप लियो XIV ने पियस भाईयों को चार उम्मीदवारों को बिशप बनाने से मना किया था। पियस भाईयों ने पोप के आदेश की अवज्ञा की और आगे बढ़कर बिशप की नियुक्ति कर दी। इस अवज्ञा के परिणामस्वरूप, उन्हें तत्काल निष्कासित कर दिया गया है। यह घटना पोप और पियस भाईयों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को दर्शाती है। पियस भाईयों का यह कदम पारंपरिक कैथोलिक मान्यताओं के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने पोप के अधिकार को चुनौती देते हुए अपने विश्वासों का पालन करने का विकल्प चुना है। यह घटना कैथोलिक चर्च के भीतर विभाजन और पारंपरिकतावादी समूहों के बढ़ते प्रभाव को उजागर करती है। निष्कासन पियस भाईयों और वेटिकन के बीच संबंधों को और जटिल बना देगा।