दक्षिण अफ्रीका में 1985 में हुई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले, जिसे ‘क्रैडॉक चार’ के नाम से जाना जाता है, से जुड़े दस्तावेजों को जारी करने में देरी पर न्यायालय ने रक्षा मंत्रालय को जवाब तलब किया है। पूर्व रक्षा सचिव डॉ. थॉबेकिले गामेडे पर दस्तावेजों को सार्वजनिक न करने के कारण अवमानना का आरोप लगाया गया है। न्यायालय ने गामेडे को दस्तावेजों को तुरंत जारी करने का आदेश दिया था, जिसका पालन नहीं किया गया। इस मामले में पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंता जताई जा रही है। ‘क्रैडॉक चार’ मामले में पीड़ितों के परिवारों और जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है। न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई में रक्षा मंत्रालय से विस्तृत स्पष्टीकरण की अपेक्षा कर रहा है। यह मामला दक्षिण अफ्रीका के अतीत और न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।