वैज्ञानिकों ने हिंद महासागर के नीचे, लगभग 7,000 मीटर की गहराई पर एक विशाल व्हेल कब्रिस्तान खोजा है। यह कब्रिस्तान लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैला हुआ है और इसमें पाँच लाख साल से भी पुराने सैकड़ों जीवाश्म शामिल हैं। 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित इस खोज से समुद्री जीवन के इतिहास पर नई रोशनी पड़ने की उम्मीद है। यह खोज व्हेल की मृत्यु और उनके अवशेषों के जमाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह क्षेत्र व्हेल के लिए किसी समय भोजन या प्रजनन का महत्वपूर्ण स्थान रहा होगा। इस खोज से प्राचीन समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद मिलेगी और व्हेल के विकासवादी इतिहास पर भी प्रकाश पड़ेगा। यह खोज समुद्र की गहराई में छिपे रहस्यों को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।