सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद गठित एक टास्क फोर्स ने सहकारी धोखाधड़ी के मामलों में तेजी लाने और पीड़ितों को उनकी बचत वापस दिलाने के लिए जिला न्यायालयों में विशेष पीठ गठित करने की सिफारिश की है। इन पीठों का उद्देश्य उन जिलों में भारी संख्या में लंबित मामलों का निपटान करना है जहाँ सहकारी धोखाधड़ी के मामले अधिक हैं। टास्क फोर्स का मानना ​​है कि विशेष पीठों से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा। यह कदम उन निवेशकों के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जिन्होंने सहकारी समितियों में अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी। सरकार ने अब इस सिफारिश पर विचार करना शुरू कर दिया है और जल्द ही इस दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इससे न्यायिक प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने में भी मदद मिलेगी। पीड़ितों को उम्मीद है कि इस पहल से उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी जमा राशि वापस मिल पाएगी।