न्यू साउथ वेल्स कॉर्नर कोर्ट ने 38 साल पहले मार्क हेन्स की मौत की जांच में गंभीर खामियां पाई हैं। अदालत के अनुसार, पुलिस जांच के दौरान नस्लीय दृष्टिकोण और पूर्वाग्रहों ने मुख्य भूमिका निभाई। इस भेदभाव के कारण मामले की जांच बेहद सतही रही और गहराई से विश्लेषण नहीं किया गया। कोर्ट ने माना कि नस्लीय पूर्वाग्रहों ने न्याय की प्रक्रिया को बाधित किया। यह मामला पुलिस प्रशासन में मौजूद प्रणालीगत नस्लवाद को उजागर करता है। अदालत के इस फैसले ने दशकों पुराने मामले में सच्चाई सामने लाने की कोशिश की है। यह निर्णय पुलिस जांच में निष्पक्षता और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देता है।