नवीनतम वित्तीय ढांचे के अनुसार, 2026 में सरकार को अपने ऋण पर ब्याज का भुगतान पिछले अनुमानों से अधिक करना होगा। यह भुगतान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अतिरिक्त 0.2 प्रतिशत होगा। वर्ष की शुरुआत में सरकार ने कम ब्याज भुगतान का अनुमान लगाया था। इस वृद्धि का मतलब है कि सरकार को अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खर्च करने के लिए कम धन उपलब्ध होगा। यह वित्तीय स्थिति आर्थिक विकास और सरकारी नीतियों पर प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और ब्याज दरों में बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं। यह जानकारी 'ला सिल्ला वाकिया' द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आई है।