मलेशिया के पुत्राजया में, एक अदालत ने एक मूक और बधिर व्यक्ति को नौ साल पहले सेलांगर के तंजुंग सेपाट में एक परिवार की चार सदस्यों की आग में हत्या के आरोप में दी गई मौत की सज़ा को बरकरार रखा है। आज, अदालत में एक सांकेतिक भाषा दुभाषिया ने उस व्यक्ति के लिए अनुवादक का कार्य किया जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। यह मामला विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि आरोपी संवाद करने में असमर्थ है। अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। यह घटना विकलांग व्यक्तियों के न्याय तक पहुँच और कानूनी प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को भी उजागर करती है। बचाव पक्ष ने सज़ा के खिलाफ अपील की थी, लेकिन न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की संभावना है।