सरकार के उद्यम विभाग की एक रिपोर्ट में डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग के कारण बिजली की कीमतों में संभावित वृद्धि का आकलन नहीं किया गया है। यह रिपोर्ट डेटा सेंटर के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करती है, लेकिन बिजली की दरों पर पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यान नहीं देती। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटरों की ऊर्जा खपत बढ़ने से बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। रिपोर्ट में इस महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज करने से सरकार में चिंता बढ़ गई है। अब सरकार इस मुद्दे पर अतिरिक्त मूल्यांकन करने की योजना बना रही है। यह कदम डेटा सेंटर क्षेत्र के सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट की यह कमी भविष्य में ऊर्जा नीति निर्माण में एक चुनौती पेश कर सकती है।
