जर्नल की जांच में पता चला है कि डेटा सेंटर हर साल भारी मात्रा में पानी का उपयोग करते हैं, लेकिन फार्मास्युटिकल कंपनियां अक्सर इससे भी अधिक पानी का उपयोग करती हैं। यह खोज डेटा केंद्रों के जल उपयोग पर केंद्रित सार्वजनिक बहस को एक नया आयाम देती है। रिपोर्ट के अनुसार, डेटा केंद्रों ने पिछले वर्ष लगभग एक अरब लीटर पानी का इस्तेमाल किया। हालांकि, फार्मास्युटिकल उद्योग का जल उपयोग इससे कहीं ज्यादा है। इस अध्ययन से पता चलता है कि पानी की खपत के संबंध में विभिन्न उद्योगों के प्रभावों का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है। यह पर्यावरण पर प्रभाव को कम करने के लिए जल प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है। इस मुद्दे पर आगे की जांच और पारदर्शिता आवश्यक है ताकि उद्योगों द्वारा जल उपयोग की सटीक मात्रा का पता लगाया जा सके।