राजनीतिक वैज्ञानिक बारबरा प्राइंसेक का कहना है कि बड़ी कंपनियों को डेटा के उपयोग से लाभ होता है, तो समाज को भी उसका लाभ मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि डेटा तेल की तरह नहीं है जो बस मौजूद है, बल्कि यह सामूहिक रूप से उत्पन्न होता है। ऑस्ट्रिया में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बारे में उनका मानना है कि इसका एक “प्रतीकात्मक महत्व” होगा। प्राइंसेक ने डेटा के उचित उपयोग और वितरण पर जोर दिया है ताकि सभी को इसका फायदा मिल सके। उनका मानना है कि डेटा के मूल्य का समाज को हिस्सा मिलना आवश्यक है। यह कदम डिजिटल नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डेटा अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।