डार्क वेब साइबर अपराधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया है। यह एक ऐसा गुप्त बाज़ार है जहाँ चोरी किए गए पहचान पत्र, कॉर्पोरेट एक्सेस और वित्तीय डेटा बेचे जाते हैं। इन अवैध गतिविधियों का सीधा असर कंपनियों और आम उपयोगकर्ताओं पर पड़ता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डार्क वेब पर अवैध व्यापार में वृद्धि हुई है, जिससे साइबर सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं। यह प्लेटफॉर्म गुमनामी प्रदान करता है, जिससे अपराधियों के लिए पकड़े जाना मुश्किल हो जाता है। डार्क वेब पर डेटा उल्लंघनों से प्राप्त जानकारी की बिक्री, रैंसमवेयर हमलों और अन्य साइबर अपराधों में वृद्धि देखी जा रही है। इस खतरे से निपटने के लिए, कंपनियों और व्यक्तियों को अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता है।
