यूरोप में लंबे समय से चले आ रहे सूखे और भीषण गर्मी ने ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। हंगरी ने पहली बार अपने एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र को बंद कर दिया है, क्योंकि डेन्यूब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है। इस संयंत्र को ठंडा करने के लिए डेन्यूब नदी के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। घटते जलस्तर के कारण संयंत्र का संचालन जारी रखना संभव नहीं था। यह घटना जलवायु परिवर्तन और उसके गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है। हंगरी में यह स्थिति ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं।