डेनमार्क के पूर्व शासक की पोते, निकोलस ने एक डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से अपनी भावनाओं को साझा किया है। उन्होंने पहली बार उस समय के बारे में बात की जब उनकी राजकुमार की उपाधि छीन ली गई थी। निकोलस ने बताया कि रानी मार्गरीटा द्वारा लिया गया यह निर्णय उनके लिए काफी कठिन था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की स्थिति में होना कभी भी सुखद नहीं होता। यह डॉक्यूमेंट्री उनके जीवन के उस चुनौतीपूर्ण दौर पर प्रकाश डालती है। निकोलस ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा और पारिवारिक बदलावों को शब्दों में पिरोया है। यह विवरण शाही परिवार के भीतर के तनाव और निर्णयों को दर्शाता है।