डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनावश्यक सौंदर्य सुझावों से तंग आकर एक कॉस्मेटिक सर्जन द्वारा दिए गए 'सुधार' के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने यह प्रतिक्रिया तब दी जब सर्जन ने सार्वजनिक रूप से उनकी उपस्थिति को 'सुधारने' की पेशकश की। प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसेन ने उन महिलाओं को सलाह दी जो ऐसी स्थिति में हैं, कि वे अपनी दिखावट को बिना किसी बदलाव के स्वीकार करें। उन्होंने आत्म-स्वीकृति के महत्व पर जोर दिया और बाहरी दबाव में आकर अपनी शारीरिक बनावट बदलने से इनकार किया। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है, जहाँ कई लोगों ने प्रधानमंत्री के रुख की सराहना की है। फ्रेडरिकसेन का कहना है कि महिलाओं को खुद को वैसे ही स्वीकार करना चाहिए जैसे वे हैं, और सुंदरता के अपरंपरागत मानकों को चुनौती देना महत्वपूर्ण है। इस मामले ने शरीर की छवि और महिलाओं पर पड़ने वाले सामाजिक दबाव के बारे में बहस छेड़ दी है।