डेनमार्क में राष्ट्रीय पहचान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। एक लेखिका, पिया सोल्टोफ्ट के अनुसार, डेनिश पहचान नस्ल, धर्म या रीति-रिवाजों पर आधारित नहीं है। उनका तर्क है कि डेनमार्क की ताकत और विशिष्टता आपसी विश्वास और सामुदायिक भावना में निहित है। हाथ मिलाना, ईसाई धर्म या पारंपरिक भोजन जैसे तत्व डेनिश पहचान को परिभाषित नहीं करते हैं। बल्कि, एक मजबूत सामाजिक ताना-बाना जो विश्वास पर टिका है, डेनमार्क को विशेष बनाता है। सोल्टोफ्ट का मानना है कि इस विश्वास और समुदाय को बनाए रखना डेनिश समाज के लिए महत्वपूर्ण है। यह लेख डेनिश पहचान की एक नई परिभाषा प्रस्तुत करता है, जो समावेशी और आधुनिक मूल्यों पर आधारित है।
