कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें दलित होने के कारण निशाना बनाया गया है। नागेंद्र ने कहा कि वह बेबुनियाद आरोपों से थक चुके हैं और अपने सम्मान की रक्षा के लिए इस्तीफा दे रहे हैं। उनके इस्तीफे से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों ने इस मामले की जांच की मांग की है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और जनता का ध्यान इस पर केंद्रित है। यह घटना जातिगत भेदभाव और राजनीतिक भ्रष्टाचार के मुद्दे को एक बार फिर उजागर करती है।

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