एक नए अध्ययन से पता चला है कि पिता द्वारा सुनाए जाने वाले अटपटे चुटकुलों का बच्चों के साथ भावनात्मक संबंध मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। अक्सर 'क्रिंगवर्दी' माने जाने वाले ये चुटकुलें, दरअसल, हास्य के माध्यम से पिता और बच्चों के बीच एक खास रिश्ता बनाने का काम करते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि साझा हँसी, बच्चों में भावनात्मक सुरक्षा की भावना पैदा करती है और उन्हें तनाव से निपटने में मदद करती है। यह संबंध बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। अध्ययन में पाया गया कि पिता के चुटकुलों पर बच्चों की प्रतिक्रिया, भले ही वह नकारात्मक हो, संवाद को बढ़ावा देती है और आपसी समझ बढ़ाती है। इस प्रकार, ये चुटकुलें सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पालन-पोषण रणनीति भी हो सकती हैं।