पुनर्जागरण काल के महानतम प्रतिभाओं में से एक, लियोनार्डो दा विंची की ‘कोडेक्स अटलांटिकस’ नामक महत्वपूर्ण पांडुलिपि, 400 वर्षों के बाद अब पूर्ण रूप से उपलब्ध है। पहले यह पांडुलिपि दो भागों में विभाजित थी, जिनमें से एक भाग मिलान और दूसरा विंडसर में सुरक्षित रखा गया था। अब इन दोनों भागों को एक साथ लाकर इस ऐतिहासिक दस्तावेज को पूर्ण रूप दिया गया है। ‘कोडेक्स अटलांटिकस’ में दा विंची के विस्तृत रेखाचित्र, वैज्ञानिक अध्ययन और विभिन्न आविष्कारों के विचार शामिल हैं। यह पांडुलिपि कला, विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दा विंची की बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है। इस प्रकाशन से शोधकर्ताओं और कला प्रेमियों को दा विंची के कार्यों को समझने का एक नया अवसर मिलेगा। यह पुनर्जागरण काल के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है।