चेक सांख्यिकी कार्यालय (ČSÚ) के अनुसार, इस वर्ष की पहली तिमाही में चेक गणराज्य की आबादी में लगभग 19,800 की कमी आई है, जिससे कुल आबादी 10.896 मिलियन हो गई है। यह गिरावट प्रवासन और जन्मदर से ज़्यादा मृत्युदर के कारण हुई है। जनवरी से मार्च के बीच, लगभग 36,500 लोग देश छोड़कर चले गए, जबकि 29,200 लोग विदेश से आए। इस अवधि में 30,100 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि केवल 17,500 बच्चे पैदा हुए। सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, जन्मदर लगातार पांचवें वर्ष से घट रही है। यह जनसांख्यिकीय बदलाव चेक गणराज्य के लिए चिंता का विषय बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए सरकार को परिवार नियोजन और प्रवासन नीतियों पर ध्यान देना होगा।