चेक गणराज्य इस वर्ष नाटो के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में विफल रहेगा, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दो प्रतिशत रक्षा पर खर्च करना शामिल है। यह घोषणा पूर्व प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीश ने की है। बाबीश का मानना है कि देश अगले वर्ष से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होगा। वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के कारण इस वर्ष लक्ष्य को प्राप्त करना संभव नहीं हो पाया है। हालांकि, सरकार भविष्य में रक्षा व्यय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घोषणा नाटो सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर सकती है, क्योंकि सभी सदस्य देशों से रक्षा खर्च में वृद्धि करने की अपेक्षा की जाती है। बाबीश ने इस मामले में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।