चेक गणराज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों की संख्या वाहनों की संख्या से बहुत अधिक है। सरकार ने भारी सब्सिडी दी है, जिसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क की क्षमता वर्तमान में सड़कों पर मौजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में तीन गुना अधिक है। ये स्टेशन, जो यूरोपीय संघ के फंड से अरबों में बनाए गए हैं, वर्तमान में लगभग खाली पड़े हैं, जैसे कि एक विशाल शॉपिंग मॉल जिसमें बहुत कम ग्राहक आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अनावश्यक निवेश है क्योंकि चार्जिंग स्टेशन का उपयोग बहुत कम हो रहा है। यह स्थिति भविष्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए एक चुनौती पेश कर सकती है। सरकार को अब इस अधिशेष क्षमता को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के तरीकों पर विचार करना होगा। इस असंतुलन को ठीक करने से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के विकास में मदद मिलेगी।