चेक गणराज्य में स्कूलों में मोबाइल फोन के पूर्ण प्रतिबंध पर सरकार विचार कर रही है। प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीश के नेतृत्व वाली सरकार एक विधायी प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है, जो संसद में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NUDZ) ने इस प्रस्तावित कानून का समर्थन किया है, उनका तर्क है कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से अवसाद और चिंता के लक्षण बढ़ सकते हैं। यह कदम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। प्रस्तावित कानून के पारित होने पर, चेक गणराज्य के सभी स्कूलों में मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छात्रों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और सामाजिक संपर्क बढ़ाने में मदद करेगा। इस प्रस्ताव पर संसद में बहस होने की उम्मीद है।
