चेक गणराज्य में यूरोपीय संघ (EU) के बाहर से आने वाले सस्ते माल पर नई सीमा शुल्क लागू होने के बाद, पहले दो हफ्तों में लगभग 47 करोड़ रुपए की सीमा शुल्क वसूली हुई है। एक जुलाई से लागू इस नई नीति का उद्देश्य बाजार में समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। इस कदम से आयातित वस्तुओं पर नियंत्रण मजबूत करने और छोटे पार्सल में EU में आने वाले सामान की मात्रा को कम करने की उम्मीद है। सीमा शुल्क विभाग ने लगभग 4.7 लाख सस्ते पार्सल की पहचान की है जिन पर यह शुल्क लगाया गया है। EU का मानना है कि इससे व्यापारिक माहौल को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा। यह कदम छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों पर प्रभाव डाल सकता है। सीमा शुल्क प्रशासन इस नई प्रणाली के कार्यान्वयन की निगरानी कर रहा है।