चेक गणराज्य की संवैधानिक अदालत ने राष्ट्रपति पावेल को अगले महीने तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने की अनुमति दे दी है। राष्ट्रपति पावेल ने अदालत का रुख किया था क्योंकि सरकार ने उन्हें आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं किया था। प्रधानमंत्री बाबिस के नेतृत्व वाली सरकार ने पहले घोषणा की थी कि राष्ट्रपति पावेल शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे, जो अंकारा में 7 और 8 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। बाबिस रक्षा और विदेश मंत्रियों के साथ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। राष्ट्रपति पावेल ने इसे "एक अभूतपूर्व और दुर्भाग्यपूर्ण कदम" बताया था, उनका कहना है कि प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना उनका अधिकार है। अदालत ने फैसला सुनाया है कि सरकार को राष्ट्रपति पावेल की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए और उनकी यात्रा में कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि स्वतंत्र राष्ट्रपति की नाटो शिखर सम्मेलन में उपस्थिति एक सामान्य प्रथा है। बाबिस और पावेल के बीच महीनों से इस मुद्दे पर विवाद चल रहा था।
