चेक गणराज्य में, ओरलीक जलाशय के पास मछुआरों द्वारा अवैध रूप से डेरा डाले जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। मछुआरे अक्सर यह जाने बिना डेरा डालते हैं कि वे स्थानीय नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस अब जलाशयों में शिविरों की जाँच कर रही है और उल्लंघन करने वालों पर दस हजार चेक कोरुना तक का जुर्माना लगा रही है। इस साल गर्मी के मौसम में पहले ही दर्जनों मछुआरों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि अवैध शिविरों के कारण अक्सर गंदगी भी फैलती है। यह कार्रवाई मछुआरों को नियमों का पालन करने और जलाशय को स्वच्छ रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए की जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जलाशयों के आसपास के प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित करना महत्वपूर्ण है।