चेक प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिš ने पूर्वी चेक गणराज्य में лыसा गोरा (Lysá Hora) नामक संरक्षित क्षेत्र में फूल तोड़ने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी इस हरकत से कानून का उल्लंघन हो सकता है और वे संभावित परिणामों के लिए तैयार हैं। बाबिš ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाज़ा है कि उनकी कार्रवाई नियमों के खिलाफ जा सकती है। यह घटना हाल ही में हुई थी और इसने चेक गणराज्य में काफी चर्चा पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा न करने का संकल्प लिया है। यह मामला संरक्षित क्षेत्रों के नियमों के प्रति सम्मान और सार्वजनिक हस्तियों के दायित्वों पर प्रकाश डालता है। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना है।