चेक संसद में विपक्ष के अनुरोध पर गुरुवार को एक विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र का मुख्य विषय प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीश, उनके हितों का टकराव, और एग्रोफर्ट समूह को दी जाने वाली सब्सिडी से संबंधित है। बाबीश ने एग्रोफर्ट को RSVP ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया था। विपक्ष का आरोप है कि ये सब्सिडी जोखिम भरी हैं और चेक नागरिकों पर वित्तीय बोझ डाल सकती हैं। संसद इस मामले में बहस करेगी और संभावित रूप से कार्रवाई पर विचार करेगी। यह सत्र विशेष रूप से चेक नागरिकों को एग्रोफर्ट से संबंधित संभावित जोखिमों से बचाने पर केंद्रित है। यह मुद्दा चेक गणराज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण विवाद का विषय बना हुआ है।