संसद में निर्माण कानून में प्रस्तावित बदलावों पर एक बार फिर चर्चा शुरू हुई है। इस संशोधन का उद्देश्य निर्माण प्रक्रियाओं को गति देना बताया जा रहा है। अब तक, सांसदों ने इस मुद्दे पर लगभग 8.5 घंटे बहस की है और 130 से अधिक संशोधनों का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्तावित बदलावों में एक राष्ट्रीय निर्माण प्रशासन की स्थापना भी शामिल है। यह कानून में चौथा संशोधन है, जो निर्माण संबंधी नियमों को सरल बनाने और परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने का प्रयास करता है। सरकार का लक्ष्य है कि इस संशोधन से निर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़े और आवास की समस्या का समाधान हो सके। इस पर आगे की बहस और मतदान की उम्मीद है।