चेक गणराज्य में, संसदीय बजट समिति ने इलेक्ट्रॉनिक बिक्री कर (ईईटी) कानून में किसी भी संशोधन का समर्थन नहीं किया है। समिति ने सरकार के प्रस्ताव को बिना किसी बदलाव के मंजूरी देने की सिफारिश की है, जो अगले साल से लागू होगा। सरकार को इस नए ईईटी से लगभग 14 बिलियन कोरून का राजस्व मिलने की उम्मीद है, लेकिन विपक्ष इस आंकड़े पर सवाल उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को आर्थिक विकास का समर्थन करना चाहिए, न कि चुनावी वादों को पूरा करने के लिए इस राजस्व का उपयोग करना। वहीं, सरकार का कहना है कि इस राजस्व का उपयोग स्कूल फीस, छात्रों को छूट और गैर-अल्कोहल पेय पदार्थों पर वैट कम करने जैसे चुनावी वादों को पूरा करने के लिए किया जाएगा, जिससे आम जनता को लाभ होगा। यह मामला संसदीय बजट समिति में तीखी बहस का विषय रहा।

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