विदेश मंत्री पेट्र मैसिंका ने तख्तापलट संबंधी अपने बयानों को वापस लेने से इनकार कर दिया है। संसद में प्रश्नकाल के दौरान, मार्के विबोर्नी ने उनसे ऐसा करने का आग्रह किया था। जवाब में, मैसिंका ने फिर से संवैधानिक न्यायालय पर हमला बोला, आरोप लगाया कि वह उद्देश्यपूर्ण और सक्रियतावादी तरीके से फैसले दे रहा है। उन्होंने न्यायालय के फैसलों पर अपनी असहमति व्यक्त की और उन पर राजनीतिक प्रेरणा का आरोप लगाया। मैसिंका का कहना है कि न्यायालय की भूमिका केवल कानून की व्याख्या करना है, न कि नीति बनाना। इस घटनाक्रम से देश में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। विपक्षी दलों ने मैसिंका के बयानों की आलोचना की है और संवैधानिक न्यायालय के सम्मान की रक्षा करने का आह्वान किया है।
