अनुभवी हॉकी कोच रादिम रूलिक ने तीन साल बाद राष्ट्रीय टीम से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें बदलाव की ज़रूरत महसूस हुई, क्योंकि लगातार व्यस्तता के कारण वे अपना आत्मविश्वास खो रहे थे। रूलिक ने विशेष रूप से एनएचएल में काम करने वाले कोचों और राष्ट्रीय टीम के कोचों के कार्यभार की तुलना की, यह कहते हुए कि एनएचएल कोच अधिक दबाव और मैचों का अनुभव लेते हैं। उन्होंने क्लैडनो टीम में शामिल होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने ओलंपिक में कनाडा से हुई हार को निराशाजनक बताया, लेकिन भविष्य के लिए आशा व्यक्त की। रूलिक ने जगर के बारे में भी अपनी राय साझा की, हालांकि इस बारे में विशिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस इस्तीफे से चेक हॉकी जगत में चर्चा छिड़ गई है।