चेक सरकार ने अगले महीने होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पेट्र पावेल को शामिल करने से इनकार कर दिया है। यह निर्णय परंपरा के विपरीत है और प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीस और पूर्व सैन्य जनरल पावेल के बीच कानूनी टकराव का संकेत देता है। पावेल, चेक सेना के पूर्व प्रमुख भी रहे हैं। सरकार के इस कदम से राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। यह निर्णय नाटो शिखर सम्मेलन में चेक गणराज्य के प्रतिनिधित्व को लेकर अनिश्चितता पैदा करता है। फिलहाल, इस फैसले के पीछे सरकार ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि यह दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों का परिणाम है।
