फुटबॉल विश्व कप में पहली बार भाग ले रहे चेक गणराज्य के कोच मिरोस्लाव कोउबेक को लेकर एक सवाल पूछा गया कि वे टूर्नामेंट के सबसे उम्रदराज कोच होने के बारे में कैसा महसूस करते हैं। एक विदेशी पत्रकार के सवाल को शायद अनुवाद में गलत समझा गया था। कोउबेक ने इस सवाल को सुनने के बाद थोड़ी देर के लिए नाराजगी जताई और कहा कि वे खुद को अनुभवहीन नहीं मानते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस भूमिका को स्वीकार करते हैं और इसके लिए तैयार हैं। यह घटनाक्रम विश्व कप में उनकी टीम के प्रदर्शन से पहले चर्चा का विषय बन गया है। कोउबेक की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हैं और उम्र को कोई बाधा नहीं मानते। फिलहाल, टीम विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है।