शिक्षा मंत्री रॉबर्ट प्लागा ने विदेशी भाषा शिक्षण से संबंधित प्रस्तावित परिवर्तनों को फिलहाल रोक दिया है। इन परिवर्तनों में पहली कक्षा से अनिवार्य अंग्रेजी और सातवीं कक्षा से दूसरी विदेशी भाषा का अनिवार्य अध्ययन शामिल था, जो सितंबर 2027 से लागू होने वाला था। मंत्री के इस निर्णय से शिक्षा जगत और विशेषज्ञों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह एक उचित निर्णय है, जबकि अन्य इसे समझ से परे बता रहे हैं। प्लागा के इस कदम से शिक्षण संस्थानों और छात्रों पर संभावित प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई है। यह निर्णय विदेशी भाषा शिक्षा की भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, नई योजनाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई हैं।
